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मिडिल क्लास

 मिडिल क्लास यानी बीच की क्लास वर्ग। न तो अमीर और न ही अत्यंत गरीब। कुल मिलाकर गेहू वाली बिरादरी। जो दो पाटों के बीच पिस्ता हैं। ठीक वैसे ही दो वर्गों के बीच पीसने वाली बिरादरी या वर्ग या क्लास।

Mokaji Holidayz

मैं भी एक मिडिल क्लास परिवार से हूँ। मैं जानता हूँ कि मिडल क्लास परिवार में पैदा होना ही सबसे बड़ी सजा हैं। मुझे अगर यह क्लास सबसे ज्यादा बेबस और मजबूर क्लास लगती हैं। एक तरफ मजबूत और धनपति वर्ग तो दूसरी तरफ अत्यंत दयनीय जीवन जीने को मजबूर वर्ग। मैं उस दीवार पर बैठा एक व्यक्ति हूँ जिसके एक तरफ चकाचोंध और अमीरी की चाबी लेकर इंसान पैदा होता हैं। तो दूसरी तरफ मेले कुचले झुगी झोपड़ीयो में टपकते पानी और सड़ांध के बीच जैसे तैसे जीवन बसर को लड़ते मजबूर लाचार वर्ग जिसको अक्सर गली मिलती है। नाली के कीड़े।

Motivator Rathore

बीच मे बचा मैं अर्थात मिडिल क्लास जो कि दोनों का मिश्रण वाला क्लास। न तो पूरी अमीरी और न ही पूरी गरीबी। मतलब साला यह समझ मे नही आ रहा हैं कि क्यो बने इस क्लास के हिस्से। 

इस दुनिया सब नियम और कायदे मिडिल क्लास के लिए लागू हैं। अमीर टैक्स भरता नही गरीब टैक्स भर नही सकता। बचा मिडिल क्लास जो हमेशा इजज्जत और बेइज्जती के तारो में फंसा अपनी मेहनत की कमाई को टैक्स के रूप में भरता हैं। 

जबकि सबसे ज्यादा तकलीफ मैं यदि कोई हैं तो वो हैं मिडल क्लास। दुनिया के सभी संस्कार और नियम नियति मिडिल क्लास पर लागू। गरीब वाले तो यह कहकर छूट जाते हैं कि हम तो गरीबी रेखा से नीचे हैं। अमीर से तो वैसे ही कोई कुछ बोल नही पता। 

अब शुरू होती हैं अमीर को अमीर बने रहने यानी अपने वर्ग पर बने रहने की जहोजाद। मिडल क्लास वाला व गरीब पहुँचना चाहते हैं अमीर अर्थात पहले वर्ग में। 

Motivation Speaker

अब गरीब तो कैसे भी करके अगर पहले वर्ग में पहुँचता हैं तो कोई बात नही इसके लिए भले संस्कार और नियमो को ताक पर रख कर व शार्ट कट से ही क्यो न पहुँचे कोई कुछ कुछ नही बोलता।

लेकिन मिडिल क्लास वालो को हमेशा साबित करना पड़ता हैं कि दस्तावेज से लेकर नियति नियम और संस्कारों के साथ कुछ भी हासिल करना हैं नही सोसाइटी में इजज्जत खराब। 

सरकारी या गैर सरकारी या फैक्टरियों में या प्राइवेट नोकरिया ही मिडिल क्लास का भाग्य है और पहले से तय था। यदि कोई गलती से नोकरी अर्थात नोकर के जाल को तोड़ कर कुछ अपना बड़ा व्यापार बिज़नेस के साथ कुछ विशेष करना चाहता हैं तो उसको उसका मिडिल क्लास समाज ही ऊपर नही उठने देगा। तरह तरह के ताने और घर परिवार की अन्य मजबूरियां और तंग हाथ।

Mokaji Frenchise

मिडिल क्लास पढ़ लिख कर उल्टा ज्यादा बेइज्जत महसूस करता है। कारण पढ़ने के बाद अपने क्लास अर्थात मिडिल क्लास से अमीर क्लास की तरफ बढ़ने की कोशिश करता हैं।  जिसमे मिडिल क्लास और परिवार समाज हमेशा ताना देता हैं। जब जब समाज परिवार में कोई त्यौहार और समारोह होता हैं मिडिल क्लास के पढ़े लिखे लड़को को सदैव तरह तरह के ताने सुनने को मिलते हैं।

नोकरी के जाल से बाहर आने के लिए मिडिल क्लास के लड़कों युवकों को किसी भी प्रकार का सहारा नही मिलता। जब कोई मिडिल क्लास का लड़का बिज़नेस शुरू करता हैं तो समझो आफत आ गयी।घर परिवार वाले तो मानो रिस्ते ही तोड़ लेते है। साथ चलने वाले मानो जानते ही नही।


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मिडिल क्लास का जीवन सबसे मुश्किल दौर में होता हैं। मैं मेरे जीवन से जुड़े जीवन के खटटे मीठे अनुभव जोकि पूर्ण सत्य हैं। 

मैं बचपन से ही वर्गों की खाई को जान चुका था। जब मैं आर्मी में था तब मैने आर्मी के वर्गों को समाज के बाद बड़ी नजदीकी से देखा हैं। छोटा बड़ा जूनियर सीनियर और न जाने कैसे कैसे वर्ग। 

मैंने अपनी आंखों के सामने अपने पिताजी की बेइज्जती और ऑफ़सरो कि तानाशाही देखी थी। जिसमे बिना गलती के भी मेरे पिताजी को आर्मी अफसर ने सजा दी थी। गलती सिर्फ इतनी थी कि बिना माता व परिवार के सिंगल लड़के को आर्मी स्कूल में डाल दिया था। 

जिसके कारण आर्मी के अफसर नाराज हो गए थे और मुझे अकेले रखने के लिए मेरे पिताजी की पोस्टिंग बर्फीले एरिया में बिना पोस्टिंग के भी कर दी। महीनों मुझे बैरक में अकेला रहना पड़ा। उसके बाद 6 महीनों बाद मेरे पिताजी जब आये तो एमरजेंसी में जोधपुर BSF स्कूल में डाला। 

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उसी दिन से मेरे दिमाग मे अफसर और सिर्फ अफसर बनने की सनक थी। मैं पढ़ने के साथ साथ खेलने और NCC में भाग लेकर आर्मी में अफसर बनना चाहता था लेकिन मेरी समाज के दबाव के कारण जल्दी शादी जिसमे ऑफिसर्स को अविवाहित को ही लिया जाने का फॉर्म कोष्ठक मेरे लिए मुसीबत बन गया। 

इसलिए मैने सिपाही में नोकरी न करने का मन बना लिया। उसके बाद मैं  सिर्फ और सिर्फ बिज़नेस करने को ही सबसे बड़ा मानने लगा। लेकिन परिवार और समाज का बिज़नेस को लेकर अलग सोच व रवैया। 

घर वाले सिर्फ और सिर्फ नोकरी को पसन्द करने के कारण मैंने बहुत तकलीफ देखी। लेकिन मैं कुछ भी हो जाये बिज़नेस ही करूँगा। नोकरी तो नही करूँगा की ठान चुका था।

मुझे समाज और परिवार में हजारो बार जलील होना पड़ा। मुझसे छोटे और कम पढ़े लिखे भी हजारो बार मेरी बेउज्जती कर चुके। 

समाज और परिवार का सबसे बेज्जत इंसान जबकि मैं कही गलत नही था।

Mokaji Jobs

लेकिन बिज़नेस के लिए मुझे घर परिवार की तरफ से कभी एक रुपया सहयोग नही मिला। मैं हमेशा उधार और आज कल का कहकर लेनदेन से कैसे भी बिज़नेस करना चाहता था।

मैं जीवन मे मिडल क्लास से पहले पायदान पर आना चाहता हूँ ताकि बाकी मिडल क्लास से ऊपर आने वालों की मदद कर सकू। 

2019 में मैंने मोकाजी होटल्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की स्थापना की जो हॉस्पिटैलिटी और टूरिज्म के क्षेत्र में कार्य कर रही है। मैंने यह कंपनी कैसे खोली और कैसे बिना सरकार और परिवार व दोस्तो के सपोर्ट के चला रहा हूँ मैं ही जानता हूँ साथ ही 2020 में आने वाले कोरोना ने मुझे अंदर तक तोड़ दिया। मेरे परिवार और समाज ने सदैव साथ नही दिया यह उनकी गलती नही भय और डर व नासमझी हैं और कही आगे बढ़ने की ईर्ष्या हैं। पता नही लेकिन अकेला चल रहा हूँ पता नही मंजिल कितनी दूर हैं भी या नही।

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लेकिन मैं रुकूँगा नही भले मेरा अंत ही क्यो न आ जाए। 

मिडिल क्लास वालो आगे जो लिख रहा हूँ उसको पक्का पढ़ना।


मिडल क्लास और बिज़नेस की सोच 

2019 में खुलने के बाद, व्यवसाय निम्नलिखित समय में भी बिज़नेस में सक्षम था 2018।  उसके कुछ ही समय बाद, इसने लाभ कमाना शुरू कर दिया। विशेष रूप से, लाभ कमाने के लिए व्यवसाय निम्नलिखित समय के लिए खुला है।

 हालांकि कारोबार काफी तेजी से बढ़ रहा है, मुझे विश्वास है कि कैपिटल फंडिंग का इंजेक्शन अर्थात सहयोग हमें और भी अधिक करने में मदद करेगा।  विशेष रूप से, मैं निम्नलिखित उद्देश्य के लिए निवेश का अनुरोध कर रहा हूं:

 मोकाजी होटल्स प्राइवेट लिमिटेड चाहता है कि निवेश नई डिजिटल नीति 21 सदी के साथ कारोबार का विस्तार करे।  खुद के मोबाइल ऐप बनाएं जैसे टूर, होटल बुकिंग, शॉर्ट वीडियो शेयरिंग अन्य ऐप जैसे मार्केट डिमांड के लिए उपयोगी हैं। 
आज हर छोटी बड़ी कंपनी अपने मिलने वाले और चाहने वाले रिस्तेदारो और दोस्तो से छोटा बड़ा इन्वेस्ट के इन्वेस्टमेंट के साथ बिज़नेस को गति दे रहे हैं।

यदि कोई ऐसा व्यक्ति जोकि मीडियल क्लास में पैदा हो और जिसके पास बिज़नेस आइडियाज और माइंड सेट तो हो लेकिन बिज़नेस के लिए उचित आर्थिक सपोर्ट नही है तो ऐसे बिज़नेस करने वाले लोगो को ऐसे अन्य इन्वेस्टमेंट के सहयोग की आशा रहती हैं। क्योकि मिडल क्लास ले लोग बिज़नेस सपोर्ट के लिए आर्थिक सहयोग नही देते भले अन्य ट्रेडिशनल कामो और कार्यो के लिए धन का सहयोग देते हैं। कारण एक ही हैं कि या तो उनको गुजरे जमाने के कार्यो और व्यापारों पर ही भरोसा हैं। साथ ही नए कार्यो और बिज़नेस को सपोर्ट की समझ और भरोसा नही यह उनकी गलती नही यह उनके समय के आगे न सोचने का कारण है। जोकी शिक्षा के अभाव के कारण होता हैं।

एक तरफ जब भी कोई जैन बनिया या पहले से बिज़नेस फैमिली से हैं। जब भी कोई व्यापार या बिज़नेस सेटअप करता हैं तो फैमिली,फ्रेंड्स,जान पहचान वाले और अन्य लोग सपोर्ट के लिए तैयार हो जाते हैं। 
कारण उनका जीवन नेचर ही बिज़नेस को समझने का हैं। सबसे पहली बात जो जरूरी हैं वो है समझ और जानकारी।
मिडिल क्लास को केवल नोकरी जोकि सरकारी या प्राइवेट या अन्य अत्यंत उत्तम लगती हैं। 
मिडिल क्लास दूसरा खेती या पुश्तेनी कार्यो या जो पहले से चले आ रहे हैं के कार्यो में ही अपना जीवन लगाते हैं। कुछ नया नही करना चाहते जोकि रिस्क मानते हैं।
मिडिल क्लास जोकि देखा देखी या नेटवर्क जैसी पुरानी नीति पर कार्य करते हैं।
मिडिल क्लास में यदि गलती से भी कोई लड़का अपने मस्तिक और ज्ञान से समय से 25 साल आगे सोच कर चले तो उसका हस्र बहुत बुरा होगा। सोसाइटी में उसकी कद्र नही होगी। उसको साथ नही मिलेगा।
साथ ही मिडिल क्लास में कोई फैमिली बैकग्राउंड भी नही होता। साथ ही इसके कारण बैंक फिनांस लोन या किसी भी प्रकार से आर्थिक सपोर्ट नही करता। जिसके कारण हजारो युवा जोकि बेहतर बिज़नेस और वो सबकुछ कर सकते हैं जोकी बिज़नेस घरानों और परिवारों में पले बिज़नेस लोग देखते हैं।

मैंने बिज़नेस करने के लिए बनी बनाई सरकारी नोकरी छोड़ दी एक नही 3 सरकारी नोकरियों को छोड़ा। 
मैं शुरू से अर्थात बचपन से ही कुछ अलग करना चाहता था। जोकि राष्ट्र और विश्व के लिए कल्याणकारी हो। 
मेरे द्वारा शुरू किए गए बिज़नेस या कार्यो में कल्याण की भावना के साथ साथ सेवा का भाव हो।

इन सभी बातों को ध्यान में रख कर मैंने 36 कौम के बड़े व्यापारी व बुद्धि जीवियों से संपर्क करके कुछ ऐसा माहौल 36 कौम के युवाओ के लिए बनाना चाहता हूँ कि 
जब भी कोई मिडल क्लास युवा युवक व युवती या बुजुर्ग बेहतर आईडिया या विचार के साथ बिज़नेस सेटअप करना चाहता हैं तो उसको वो मैं दे सकू जिससे उनको उन तकलीफों और शर्मिंदगी से न गुजरना पड़े। जो मैं गुजर चुका हूँ।
नोकरी करना अच्छा हैं लेकिन केवल पारिवारिक जरूरतों तक यदि वो लोग शिमित हो जाएंगे जिनके पास उत्तम हौसला और 21 सदी के पंख हैं। 
मैंने बहुत पहले यह पढ़ा था कि यदि आपमे औसत दर्जे से ऊपर का दिमाग है तो बिज़नेस करो। बिज़नेस ही वो चाबी हैं जो बिज़नेस करने वाले के साथ साथ राष्ट्र को भी गति देगी। साथ ही बिज़नेस जितने ज्यादा खुलेंगे उतना रोजगार ज्यादा खुलेंगे। क्या इसमे मैं सही नही कह रहा हूँ। क्या मैं एक बिज़नेस मैन बनकर राष्ट्र की सेवा करना चाहता हूँ जो गलत हैं। 
क्या इस देश मे मिडल क्लास के लिए कोई बैंकिंग फाइनेंस या अन्य आर्थिक सहायता का रास्ता नही।

आओ मिडल क्लास के लोगो यदि आप युवा हैं या व्यापारी जो कि बैंकों से लोन नही मिल रहा या कही से भी बेहतर आईडिया होने के बाद भी सपोर्ट नही कर रहा है या कही से भी सहयोग या सहायता नही मिल रही हैं।
संपर्क करे।

मोती सिंह राठौड़
मोकाजी कंसल्टेंसी
7020654349


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